काशीपुर में फल-फूल रहा ब्याजखोरी का कारोबार, गरीब और जरूरतमंद बन रहे शिकार
मोटी ब्याज दरों के जाल में फंस रहे लोग, कर्ज चुकाने के लिए बेचनी पड़ रही संपत्ति
संवाददाता: चित्रांश सक्सैना / काशीपुर
काशीपुर। काशीपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों अवैध ब्याजखोरी का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे गरीब, मजदूर, छोटे व्यापारी और जरूरतमंद लोग आसानी से कर्ज मिलने के लालच में ब्याजखोरों के जाल में फंसते जा रहे हैं।
जानकारों के अनुसार कई लोग बिना किसी वैधानिक अनुमति के मोटी ब्याज दरों पर रकम उधार दे रहे हैं। समय पर ब्याज और मूलधन नहीं चुकाने पर कर्जदारों पर मानसिक दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में लोगों को अपनी जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां तक बेचने की नौबत आ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैंक और वित्तीय संस्थाओं की जटिल प्रक्रियाओं के कारण जरूरतमंद लोग मजबूरी में निजी साहूकारों और ब्याजखोरों की ओर रुख करते हैं। शुरुआत में आसान शर्तों पर मिलने वाला कर्ज बाद में उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
सामाजिक संगठनों का मानना है कि ब्याजखोरी केवल आर्थिक शोषण नहीं बल्कि सामाजिक समस्या भी बनती जा रही है। इससे कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ाने, शिकायतों पर कार्रवाई करने और जरूरतमंद लोगों को वैध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि ब्याजखोरी के बढ़ते जाल पर अंकुश लगाया जा सके।