प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुष्पक विहार कॉलोनी निवासी छह वर्षीय देव पुत्र राजेंद्र और छह वर्षीय मयंक पुत्र नन्हे, एक-दूसरे के बेहद करीबी मित्र थे. बुधवार दोपहर दोनों बच्चे खेलते-खेलते महादेव कॉलोनी स्थित एक खाली भूखंड तक पहुंच गए. लगातार हो रही बारिश के कारण भूखंड में काफी मात्रा में पानी जमा था. बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे उसी पानी में नहाने के लिए उतर गए. खेल-खेल में वे धीरे-धीरे गहरे हिस्से तक पहुंच गए और देखते ही देखते पानी में डूबने लगे.
उधर, आसपास खेल रहे अन्य बच्चों ने जब दोनों को डूबते देखा तो घबराकर शोर मचाना शुरू कर दिया. बच्चों की आवाज सुनकर स्थानीय निवासी अमन रुहेला तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने बिना समय गंवाए पानी में छलांग लगाई और काफी प्रयास के बाद एक बच्चे को बाहर निकाल लिया. इसी दौरान वहां मौजूद अन्य बच्चों ने बताया कि एक और बच्चा भी पानी में डूबा हुआ है. इसके बाद अमन ने दोबारा पानी में उतरकर दूसरे बच्चे की भी तलाश की और उसे भी बाहर निकाल लिया.
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को तत्काल काशीपुर स्थित एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया. अस्पताल में मौजूद ईएमओ डॉ. साक्षी ने दोनों बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण किया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं. डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.
हादसे की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया. परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे, जहां अपने मासूम बच्चों के शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं. पूरे क्षेत्र में शोक और गम का माहौल व्याप्त है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद काशीपुर तहसीलदार पंकज चंदोला भी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जलभराव वाले स्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि खाली भूखंड में लंबे समय से बरसाती पानी जमा था, जिससे वहां गहरा जलभराव हो गया था. उनका आरोप है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाती या ऐसे खतरनाक स्थानों को सुरक्षित कर दिया जाता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था.