देहरादून: आखिरकार उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने छात्रों को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर माफी मांग ली है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट ने छात्रों पर विवादित बयान दे डाला था. जिससे उत्तराखंड के छात्रों और युवाओं में भारी रोष फैल गया था. लिहाजा, मामले में तूल पकड़ा और छात्रों ने आंदोलन की चेतावनी के साथ ही महेंद्र भट्ट का भी इस्तीफा मांग लिया.
दरअसल, नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर के साथ ही पूरे देशभर में छात्र आंदोलन हुआ. कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर छात्र जुटे और प्रदर्शन किया. छात्रों के समर्थन में क्लाइमेंट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी भूख हड़ताल की. जिसके तहत 20 जुलाई को छात्रों ने संसद कूच किया. जिसमें लाठीचार्ज भी हुआ. जिसके बाद यह आंदोलन और बढ़ गया. जिससे सरकार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का दबाव और बढ़ गया.
महेंद्र भट्ट के मुंह से निकला विवाद बयान: आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में उनके इस्तीफे के बाद शुरू हुई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट का एक बयान नए विवाद का कारण बन गया. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट के मुंह से छात्रों को लेकर एक विवादित शब्द निकल गया. जिस पर विपक्ष और उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने कड़ी आपत्ति जता दी.