विकास की राजनीति, लेकिन विकास जीरो!
काशीपुर... एक ऐसा शहर जहां विकास के बड़े-बड़े दावे हर चुनाव में सुनाई देते हैं। लेकिन जब इन दावों की हकीकत को जमीनी स्तर पर परखा जाता है, तो तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है। करोड़ों की परियोजनाएं, लंबे-लंबे वादे और विकास के बड़े-बड़े दावे... लेकिन जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है। आखिर क्यों विकास की राजनीति के बीच काशीपुर का विकास जीरो नजर आ रहा है? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट...
काशीपुर का ऐतिहासिक फ्लाईओवर... जिसे बनने में करीब सात साल का लंबा समय लगा। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बनने के बाद भी यह फ्लाईओवर सात से अधिक बार मरम्मत का मुंह देख चुका है। अब एक बार फिर फ्लाईओवर का ज्वाइंट खुलने लगा है, जिससे इसकी गुणवत्ता और निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यह फ्लाईओवर बार-बार क्यों टूट रहा है?
सिर्फ फ्लाईओवर ही नहीं... शहर के विकास की तस्वीर भी अधूरी नजर आती है। काशीपुर को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए प्रस्तावित आईएसबीटी आज तक धरातल पर नहीं उतर सका। वहीं मौजूदा रोडवेज बस अड्डे की हालत भी बद से बदतर बनी हुई है। विकास के तमाम दावे और घोषणाएं आज भी फाइलों में कैद दिखाई देती हैं, जबकि जनता रोज इन समस्याओं का सामना कर रही है।
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इतना ही नहीं... शहर की पहचान और गौरव से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहीं राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए लाखों रुपये का बजट स्वीकृत होता है, लेकिन काशीपुर के मुख्य चौराहे पर महीनों तक तिरंगा गायब रहता है। सवाल यह है कि जब रखरखाव ही नहीं हो पा रहा, तो ऐसे खर्चों का औचित्य क्या है?
स्वास्थ्य व्यवस्था भी विकास के दावों की पोल खोलती नजर आती है। जिस सरकारी अस्पताल को मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किए जाने की बातें कही गई थीं, वह योजना आज भी अधूरी है। हालात यह हैं कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तक महसूस की जा रही है, जिसका सीधा असर आम मरीजों पर पड़ रहा है।
फ्लाईओवर की बदहाल स्थिति, अधूरा आईएसबीटी, जर्जर बस अड्डा, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और अधूरे विकास कार्य... ये सभी सवाल आज काशीपुर की जनता अपने जनप्रतिनिधियों से पूछ रही है। अब देखना यह होगा कि विकास के ये वादे कब जमीन पर उतरते हैं, या फिर आने वाले चुनावों तक सिर्फ भाषणों का हिस्सा बनकर रह जाएंगे।
काशीपुर से संवाददाता चित्रांश सक्सैना की खास रिपोर्ट ।