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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने काकड़ीघाट में ज्ञानवृक्ष पर किया जलाभिषेक, स्वामी विवेकानंद की साधना स्थली को बताया प्रेरणास्रोत

कर्कटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना, ज्ञानवृक्ष संरक्षण प्रयासों की सराहना


संवाददाता: चित्रांश सक्सैना




अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने जनपद अल्मोड़ा के काकड़ीघाट स्थित ऐतिहासिक ज्ञानवृक्ष (पीपल) पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने कर्कटेश्वर मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।


इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि काकड़ीघाट आध्यात्मिक चेतना, शांति और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थान है। यहां आकर आत्मिक शांति का अनुभव होता है तथा स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा मिलती है।


राज्यपाल ने कहा कि काकड़ीघाट का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह स्वामी विवेकानंद की साधना स्थली रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें उस पवित्र स्थल को देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां स्वामी विवेकानंद ने ध्यान साधना कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की थी।


उन्होंने ज्ञानवृक्ष के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि जिस वृक्ष के नीचे स्वामी विवेकानंद ने ध्यान लगाया था, उसे वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया है। यह आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।


राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है तथा ऐसे स्थलों से समाज को सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त होती है।

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